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टेस्ट क्रिकेट में मुशफिकुर के नाम दर्ज हुआ बड़ा रिकॉर्ड, बांग्लादेश के लिए ऐसा करने वाले बने पहले बल्लेबाज

पोस्टिंग समय:2022-10-06 17:18:26

टेस्टक्रिकेटमेंमुशफिकुरकेनामदर्जहुआबड़ारिकॉर्डबांग्लादेशकेलिएऐसाकरनेवालेबनेपहलेबल्लेबाजSBI पर लगा 7 करोड़ रुपए का जुर्माना, FEMA एक्ट के तहत हुई कार्रवाई******Rs 7 crore penalty imposed on SBIदेश के सबसे बड़े सरकारी बैंक (SBI) पर 7 करोड़ रुपए का जुर्माना लगा है। बैंक की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाईएक्ट के तहत की गई है। सोमवार शाम को बैंक ने और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को इस जुर्माने के बारे में जानकारी दी है।SBI की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक वैंक में विलय हो चुके (SBT) की अशोक मार्ग स्थित शाखा को 2011 के दौरान प्र (ED) की तरफ से रकम लेनदेन में हुई गड़बड़ी को लेकर 2 बार नोटिस भेजा गया था। यह नोटिस मार्च 2009 और अगस्त 2010 में हुई लेनदेन की गड़बड़ियों को लेकर था।ED से नोटिस मिलने के बाद बैंक ने अपना जवाब प्रवर्तन निदेशालय को सौंपा, जवाब मिलने के बाद संबधित फैसला सुनाने वाली संस्था ने बैंक को दोषी पाया और FEMA 1999 के सेक्शन 13 (1) के तहत बैंक पर 7 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है।

टेस्टक्रिकेटमेंमुशफिकुरकेनामदर्जहुआबड़ारिकॉर्डबांग्लादेशकेलिएऐसाकरनेवालेबनेपहलेबल्लेबाजवजन घटाने और पेट की चर्बी कम करने के लिए इस तरह करें अश्वगंधा का सेवन, जल्द दिखेगा असर******Highlightsआजकल ज्यादातर लोग बढ़े हुए वजन से परेशान हैं। इससे निजात पाने के लिए लोग कई तरीके भी सर्च करते रहते हैं जिससे वजन तेजी से कम हो सके। अगर आप भी उनमें से एक है तो इसमें अश्वगंधा आपकी मदद कर सकता है। अश्वगंधा को जिनसेंग के नाम से भी जाना जाता है। इसमें ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर में जमा एक्ट्रा चर्बी को कम करके आपको फिट रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा ये कमजोरी, नींद की कमी, तनाव, गठिया जैसी बीमारियां तेजी से दूर रखने के साथ इम्यूनिटी बूस्ट करने में मदद करता है। ऐसे में आइए जानते हैं अश्वगंधा आपके लिए किस तरह से फायदेमंद है साथ ही जानिए इसका सेवन कैसे किया जा सकता है।अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो अश्वगंधा की चाय सबसे ज्यादा कारगर है। इसका सेवन करने से न सिर्फ आपका वजन कम होगा बल्कि यह आपके शरीर की मांसपेशियों के निर्माण में भी मदद करता है साथ ही मांसपेशियां का विकास पूरी तरह से होता है। इसके अलावे यह हमारे मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने का काम करता है। अश्वगंधा की चाय पीने के साथ-साथ रोजाना एक्सरसाइज करना भी जरूरी है तभी आपको पूरा लाभ मिलेगा। आइए जानते हैं अश्वगंधा की चाय बनाने का तरीकाआप चाहें तो इसके पत्ते को मसलकर सुबह, दोपहर, शाम को खाने से एक घंटा पहले या खाली पेट पानी के साथ भी इसका सेवन कर सकते हैं।टेस्टक्रिकेटमेंमुशफिकुरकेनामदर्जहुआबड़ारिकॉर्डबांग्लादेशकेलिएऐसाकरनेवालेबनेपहलेबल्लेबाजगुजरात: Covid-19 से मृत व्यक्ति के अंतिम संस्कार को लेकर स्थानीय लोगों का पुलिस पर हमला****** गुजरात के आणंद में एक इलेक्ट्रिक शवदाहगृह में नगर निगम की एक टीम को से मृत एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार करने से रोकने के लिए भीड़ द्वारा कथित रूप से किए गए हमले में दो पुलिसकर्मी और एक एम्बुलेंस चालक घायल हो गया। यह जानकारी अधिकारियों ने बुधवार को दी। पुलिस उपाधीक्षक बी डी जडेजा ने कहा कि घटना वल्लभ-विद्यानगर में मंगलवार रात में हुई। इस घटना के बाद इलेक्ट्रिक शवदाहगृह के पास रहने वाले 56 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।उन्होंने कहा, ‘‘हरिओम नगर इलाके में श्मशान के पास रहने वाले लगभग 100 स्थानीय लोगों ने खंभात की नगर निगम टीम को घेर लिया, जो मंगलवार रात एक शव लेकर वहां पहुंची थी। उक्त व्यक्ति की करमसद के एक अस्पताल में कोरोना वायरस से मौत हो गई थी।’’ जडेजा ने कहा कि इन लोगों ने कर्मियों से कहा कि वे शव को कहीं और ले जाएं और दावा किया कि उसके अंतिम संस्कार से क्षेत्र में कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रसार हो जाएगा। पुलिस उप निरीक्षक टी आर गढवी ने बताया कि पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले लाठी और पत्थर से लैस भीड़ ने उस एंबुलेंस के चालक पर कथित रूप से हमला कर दिया जिसमें शव रखा हुआ था। स्थानीय लोगों ने खंभात नगर निगम की एक कार के शीशे भी तोड़ दिये।उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को यह समझाने की कोशिश की कि वे कोरोना वायरस के सभी सुरक्षा मानकों और दिशानिर्देशों का पालन कर रहे हैं लेकिन भीड़ ने उनकी बात नहीं सुनी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उन्होंने सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया।’’ गढ़वी ने कहा, ‘‘एक हेड कांस्टेबल और एक होमगार्ड को सिर में चोटें आईं।’’ उन्होंने कहा कि पुलिस ने आंसूगैस के गोले दागे और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रित हो पाई।’’जडेजा ने कहा कि हमले में एम्बुलेंस चालक को भी चोटें आईं। गढवी ने कहा कि क्षेत्र के 56 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उन पर दंगा, मारपीट, आपराधिक साजिश, हत्या का प्रयास और आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम टीम ने बाद में श्मशान में शव का अंतिम संस्कार किया।

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टेस्टक्रिकेटमेंमुशफिकुरकेनामदर्जहुआबड़ारिकॉर्डबांग्लादेशकेलिएऐसाकरनेवालेबनेपहलेबल्लेबाजRajat Sharma’s Blog : पीएम मोदी ने क्यों कहा- विकास विरोधी हैं 'अर्बन नक्सल'******गुजरात के एकता नगर में शुक्रवार को राज्य के पर्यावरण मंत्रियों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात का जिक्र किया कि कैसे 'अर्बन नक्सलियों' ने देश में विकास की धारा को रोकने की कोशिश की थी।पीएम मोदी ने मंत्रियों से कहा, 'आप जिस जगह पर बैठे हैं ना ये एकता नगर में, ये हमारे लिए आंखें खोलने वाला उदाहरण है। कैसे 'अर्बन नक्सलियों' ने, विकास विरोधियों ने, इस इतने बड़े प्रकल्‍प को, सरदार सरोवर डैम को रोक के रखा था। आपको जानकर हैरानी होगी साथियों, ये जो सरदार सरोवर डैम एकता नगर में आप बैठे हैं ना, इतना बड़ा जलाशय देखा होगा आपने, इसका शिलान्यास देश आजाद होने के तुरंत बाद किया था।' ने कहा, 'सरदार वल्लभ भाई पटेल ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी। पंडित नेहरू ने शिलान्यास किया था लेकिन सारे अर्बन नक्सल मैदान में आ गए, दुनिया के लोग आ गए। काफी प्रचार किया ऐसा ये पर्यावरण विरोधी है, यही अभियान चलाया और बार-बार उसको रोका गया। जिस काम की शुरुआत नेहरू जी ने की थी, वो काम पूरा हुआ मेरे आने के बाद। बताइए, कितना देश का पैसा बर्बाद हो गया।'पीएम मोदी ने कहा, 'आज वही एकता नगर पर्यावरण का तीर्थ क्षेत्र बन गया। मतलब कितना झूठ चलाया था, और ये अर्बन नक्सल, आज भी चुप नहीं है, आज भी उनके खेल खेल रहे हैं। उनके झूठ पकड़े गए, वो भी स्‍वीकार करने को तैयार नहीं हैं और उनको अब कुछ लोगों का राजनीतिक समर्थन भी मिल जाता है ।'उन्होंने कहा, 'भारत में विकास को रोकने के लिए कई ग्लोबल इंस्टिट्यूशन भी, कई फाउंडेशंस भी ऐसे बड़े पसंद आने वाले विषय पकड़ करके तूफान खड़ा कर देते हैं और ये हमारे अर्बन नक्‍सल उसको माथे पर लेकर के नाचते रहते हैं और हमारे यहां रुकावट आ जाती है। पर्यावरण की रक्षा के संबंध में कोई समझौता न करते हुए भी संतुलित रूप से विचार करके हमें ऐसे लोगों की साजिशों को जो वर्ल्‍ड बैंक तक को प्रभावित कर देते हैं, बड़ी-बड़ी न्यायपालिका को प्रभावित कर देते हैं। इतना आप प्रचार कर देते हैं, चीजें अटक जाती हैं। मैं चाहता हूं कि हमें इन सारे विषयों में एक Holistic approach (समग्र दृष्टिकोण) अपना कर आगे बढ़ना चाहिए।'प्रधानमंत्री मोदी की यह बात सही है कि कुछ लोगों ने कभी पर्यावरण के नाम पर, कभी स्थानीय लोगों के अधिकार के नाम पर, कभी आंदोलन करके तो कभी कोर्ट में जाकर बहुत सारी परियोजनाओं को रोका। वक्त के साथ इन परियोजनाओं की लागत बढ़ती गई और कई जगह ये परियोजनाएं बहुत लाभदायक और उपयोगी साबित नहीं हुईं और देरी हुई सो अलग। लेकिन कोई ऐसे एक्टिविस्ट से लड़ना नहीं चाहता था।नरेंद्र मोदी ने इस परंपरा को बदला। पहले गुजरात में और फिर दिल्ली आकर ऐसे अर्बन नक्सलियों से लड़ने की हिम्मत दिखाई। योजनाओं को पूरा करवाया। हालांकि, अर्बन नक्सलियों ने भी हिम्मत नहीं हारी है। वो आज भी मोदी के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ रहे हैं। वे न केवल भारत के भीतर बल्कि विदेशों में भी नरेंद्र मोदी के खिलाफ लड़ रहे हैं।इसका एक सबूत गुरुवार को लंदन में दिखा। लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर, 'साउथ एशिया सॉलिडेरिटी ग्रुप' के सदस्यों ने भारत-विरोधी, मोदी विरोधी और आरएसएस विरोधी नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। साउथ एशिया सॉलिडेरिटी ग्रुप साम्राज्यवाद-विरोधी और नस्लवाद-विरोधी संगठन होने का दावा करता है। मुट्ठीभर प्रदर्शनकारी यह आरोप लगा रहे थे कि आरएसएस समर्थक संगठनों ने इस सप्ताह के शुरुआत में ब्रिटेन के लीसेस्टर और स्मेथविक शहरों में हिंसा की थी। लेकिन इसके विजुअल्स और तथ्य घटना की अलग तस्वीर बयां करते हैं। दरअसल, मास्क पहने जिहादी मुसलमानों ने हिंदू मंदिरों और हिंदुओं के दुकानों पर हमला किया था और इसके विरोध में हिंदुओं ने प्रदर्शन किया थाा। लेकिन अचानक इस मामले में मोदी का नाम जोड़ दिया गया। ब्रिटेन में एंटी इंडिया प्रोपेगैंडा शुरू हो गया है और इसके पीछे ग्लोबल आउटरेज की पुरानी टूलकिट है, जो फिर से एक्टिव हो गई। सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे ब्रिटेन में भारत विरोधी प्रचार शुरू किया गया। साउथ एशिया सॉलिडेरिटी ग्रुप के प्रदर्शन की तस्वीरें, प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर और पोस्टर देखकर ही आप समझ जाएंगे कि आख़िर मामला क्या है।दरअसल, यह विदेश में नरेंद्र मोदी, बीजेपी और आरएसएस के विरोध में एक प्रचार अभियान है। ये वही टूलकिट है जो हमने किसान आंदोलन के दौरान भी देखी थी। भारत से नफरत करनेवाले इन लोगों ने गायिका रिहाना जैसे कुछ प्रभावशाली लोगों के ट्वीट्स का इस्तेमाल यह दिखाने के लिए किया था कि उनके आंदोलन को दुनिया भर में समर्थन मिल रहा है। इसका उद्देश्य मोदी को निशाना बनाना और आरएसएस को एक फासीवादी संगठन के रूप में दिखलाना था। ब्रिटेन में हिंदू-मुस्लिम तनाव के दौरान वही 'टूल किट' एक्टिव हो गया था, और जेएनयू कैंपस में 'टुकड़े-टुकड़े' गैंग से जो नारे हम सुनते थे, वही अब लंदन में सुनने को मिल रहे हैं। बड़ा सवाल ये है कि ब्रिटेन में विरोध-प्रदर्शन कर रहे ये लोग हैं कौन और किससे आज़ादी मांग रहे हैं ? असल में ये वही अर्बन नक्सलियों का गैंग है जो ग्लोबल लेवल पर एक्टिव है। लंदन में यह विरोध प्रदर्शन इंडिया हाउस के सामने किया गया। वैसे तो यह प्रदर्शन हिंदू-मुस्लिम समुदाय की एकता के लिए था लेकिन प्रदर्शनकारियों की बात सुनकर आप सब समझ जाएंगे। एक प्रदर्शनकारी ने कहा-'हम यहां शांति चाहते हैं। हम यहां रहने वाले दक्षिण एशियाई समुदाय (हिंदुओं और मुसलमानों) की एकजुटता चाहते हैं और हम यहां इसलिए इकट्ठे हुए हैं ताकि मोदी को संदेश दे सकें कि आप हमारे समुदाय को बांटना बंद करें। आप अपने फ़ासीवादी लोगों को हमारे देश में हिंसा फैलाने के लिए भेजना बंद कीजिए। क्योंकि हमें पता है कि ये नफरत वहीं से भेजी जा रही है। इसीलिए हम यहां इकट्ठे हुए हैं।'पता चला कि ब्रिटेन में मोदी विरोधी अभियान साउथ एशिया सॉलिडेरिटी ग्रुप चला रहा है। यह ग्रुप पूरे ब्रिटेन में बीजेपी-आरएसएस के विरोध के प्रोग्राम करता है। कश्मीर हो या मुसलमानों पर ज़ुल्म के आरोप, गुजरात के दंगे या फिर किसान आंदोलन, साउथ एशिया सॉलिडेरिटी ग्रुप की वेबसाइट इन सारे विषयों से भरी पड़ी है। भीमा कोरेगांव की हिंसा हो, शाहीन बाग़ का धरना हो या फिर कानपुर और दिल्ली में हुए दंगे हों, हर मौके पर यह ग्रुप लंदन में इंडिया हाउस के सामने इकट्ठा होता है और मोदी सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करता है। जुलाई में भी इस ग्रुप ने लंदन में प्रदर्शन किया था। इस दौरान दक्षिण एशिया सॉलिडेरिटी ग्रुप की कल्पना विल्सन ने भाषण दिया था और कहा था- 'भारत में आज जो कुछ भी हो रहा है उसमें ब्रिटिश सरकार भी शामिल है। ब्रिटिश सरकार, भारत में जल्द ही होने वाले मुसलमानों के नरसंहार में शामिल है। क्योंकि, इस नरसंहार की भविष्यवाणी उन लोगों ने की है जिन्होंने रवांडा में नरसंहार की भविष्यवाणी की थी और वो कह रहे हैं कि भारत में भी मुस्लिम समुदाय का वैसा ही नरसंहार होने वाला है। हम इस बात को कैसे भूल सकते हैं कि मोदी की सरकार, मुसलमानों के घर गिराने के लिए जेसीबी बुलडोज़र भेज रही है। फिर चाहे वो दिल्ली हो या यूपी। और जैसा कि हम सबने देखा अभी कुछ दिनों पहले उन्होंने एक बहादुर कार्यकर्ता फ़ातिमा का घर इलाहाबाद में बुलडोज़र चलाकर गिरा दिया था।मोदी के खिलाफ इस तरह का विरोध-प्रदर्शन कोई नई बात नहीं है। यह अभियान तो 2002 से चल रहा है जब वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे। लेकिन, मोदी ने कभी इसकी परवाह नहीं की। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश-विदेश की कई ताकतें इस अभियान में शामिल हो गई। लेकिन पिछले आठ साल में जितने विरोधी जमा हुए उससे कई गुना ज्यादा मोदी के प्रशंसक एक्टिव हो गए। विदेशों में रहने वाले भारतीयों को जब यह लगा कि मोदी की वजह से अपने-अपने देशों में उनका मान बढ़ा है तो वो मोदी के एक्टिव सपोर्टर बन गए।टेस्टक्रिकेटमेंमुशफिकुरकेनामदर्जहुआबड़ारिकॉर्डबांग्लादेशकेलिएऐसाकरनेवालेबनेपहलेबल्लेबाजMoradabad News: शराब के नशे में शख्स ने जबरन खिलाया जहर, लेकिन जिंदा बच गए पत्नी और 4 बच्चे******Highlightsउत्तर प्रदेश के में परिवार के मुखिया ने खतरनाक कदम उठाया और परिवार का खात्मा करने के लिए पत्नी और बच्चों के खाने में जहर मिला दिया। शख्स ने अपने परिवार के सदस्यों को जहर देने की कोशिश की, लेकिन वह सभी बाल-बाल बच गए। बताया जा रहा है कि शख्स ने नशे की हालत में अपनी पत्नी और चार नाबालिग बच्चों को खाने में जहर दे दिया। भोजन करने के बाद सबकी हालत बिगड़ गई तो सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।आरोपी की पहचान 40 वर्षीय अर्जुन कश्यप के रूप में हुई है। ईलर गांव निवासी अर्जुन की शादी शकुंतला के साथ हुई थी। अर्जुन को शराब की लत होने की वजह से पति-पत्नी में अक्सर विवाद होता रहता है। शंकुतला ने बताया कि अर्जुन शराब पीने का लती और नशे के लिए आए दिन मारपीट करता रहता है।रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार दोपहर को अर्जुन नशे की हालत में घर आया और पत्नी शकुंतला से शराब खरीदने के लिए पैसे देने को कहने लगा, लेकिन उसने मना कर दिया। जिसके चलते दोनों के बीच काफी झगड़ा हुआ। अर्जुन घर से बाहर गया और कुछ मिनट बाद जहर लेकर लौटा। उसने इसे खाने में मिला दिया और परिवार को जबरन खाने के लिए मजबूर किया। खाना खाने के बाद सभी लोग बेहोश हो गए। पत्नी और बच्चों की हालत खराब देखकर पड़ोसियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।डॉक्टरों ने कहा कि सही समय पर अस्पताल में भर्ती होने के कारण उन्हें बचाया जा सका। बेहोश होने वालों में शकुंतला समेत 10 वर्षीय लक्ष्मी, 8 वर्षीय रानी, 6 वर्षीय देवराज और 4 वर्षीय किरण शामिल थी।गिरफ्तार किए गए अर्जुन ने पुलिस को बताया कि उसने गुस्से में आकर इतना बड़ा कदम उठाया। सर्कल अधिकारी अनूप सिंह ने कहा, मामले की जांच चल रही है और पत्नी के होश में आने के बाद ही हम उसका बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई करेंगे। परिवार के सभी सदस्यों की हालत स्थिर है।टेस्टक्रिकेटमेंमुशफिकुरकेनामदर्जहुआबड़ारिकॉर्डबांग्लादेशकेलिएऐसाकरनेवालेबनेपहलेबल्लेबाजबजाज ने लॉन्‍च की अबतक की सबसे आरामदायक नई प्‍लेटिना 110, ज्‍यादा माइलेज और पिकअप के लिए है इसमें खास गियर******Bajaj Auto launches Platina 110 H-Gearबजाज ऑटो ने को लॉन्‍च करने की घोषणा की है, जो अब तक की सबसे आरामदायक मोटरसाइकिल है। कम्‍फर्टेक टेक्‍नोलॉजी के साथ बजाज ने एच-गियर में पहली बार अतिरिक्‍त एवं प्रासंगिक सुविधाओं के जरिये आरामदेह सवारी के अनुभव को और बेहतर बनाया है। अपनी तरह के पहले गियर-शिफ्ट-गाइड, ट्रिप मीटर तथा फ्यूल इंडिकेटर के साथ प्‍लेटिना 110 एच-गियर एक डिजिटल कंसोल से सुसज्जित है। गियर-शिफ्ट-गाइड चालक का मार्गदर्शन करता है, इससे बाइक हमेशा सही गियर में चलती है और झटका भी नहीं लगता है। इसमें एक अतिरिक्‍त हाईवे गियर भी है, जो लंबी दूरी की हाईवे राइडिंग के दौरान पिकअप व ईंधन की बचत करता है।प्‍लेटिना 110 एच-गियर भारत में सभी बजाज ऑटो डीलरशिप पर 3 रंगो ब्‍लू डिकल्‍स के साथ ईबोनी ब्‍लैक, रॉयल बर्गंडी डिकल्‍स के साथ ईबोनी ब्‍लैक और कॉकटेल वाइन रेड में उपलब्‍ध है। ड्रम ब्रेक वेरिएंट की कीमत 53,376 रुपए और डिस्‍क ब्रेक वेरिएंट की कीमत 55,373 रुपए है।

टेस्ट क्रिकेट में मुशफिकुर के नाम दर्ज हुआ बड़ा रिकॉर्ड, बांग्लादेश के लिए ऐसा करने वाले बने पहले बल्लेबाज

टेस्टक्रिकेटमेंमुशफिकुरकेनामदर्जहुआबड़ारिकॉर्डबांग्लादेशकेलिएऐसाकरनेवालेबनेपहलेबल्लेबाजकाताएब हिजबुल्ला ने दी चेतावनी, कहा- अमेरिकी ठिकानों से एक किमी दूर रहें इराक के सुरक्षा बल******इराक में हशद अल-शाबी सैन्य नेटवर्क के एक कट्टर ईरान समर्थक धड़े काताएब हिजबुल्ला ने इराकी सुरक्षा बलों को सावधना किया है कि वे सैन्य ठिकानों में अमेरिकी बलों से दूर रहें। इस समूह ने कहा, ‘हम देश में सुरक्षा बलों से कहते हैं कि वे रविवार को शाम 5 बजे से अमेरिकी ठिकानों से कम से कम 1000 मीटर दूरी पर रहें।’ हिजबुल्ला के इस बयान को देने से पहले शनिवार को अमेरिकी दूतावास के निकट और अमेरिकी बलों की तैनाती वाले एक ठिकाने पर मोर्टार के गोले और रॉकेट दागे गए थे।आपको बता दें कि द्वारा शुक्रवार को में किए गए ड्रोन हमले में ईरानी कमांडर की मौत हो गई थी। इस हमले के बाद अमेरिका और के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि संभावित जवाबी कार्रवाई का पहला संकेत देते हुए बगदाद में अमेरिकी दूतावास के निकट के एक इलाके में मोर्टार के 2 गोले दागे गए। उन्होंने बताया कि इसी दौरान अमेरिकी बलों की तैनाती वाले अल-बलाद एयरफोर्स बेस पर 2 रॉकेट गिराए गए। इराकी सेना ने अल बलाद और बगदाद में मिसाइल हमलों की पुष्टि की है और कहा है कि इनमें कोई हताहत नहीं हुआ।अमेरिका ने भी कहा है कि गठबंधन का कोई जवान हताहत नहीं हुआ। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने इराकी बलों को दी गई इस हिदायत के बाद ईरान समर्थक धड़े पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि के ‘ठग इराकी बलों से और अन्य उन स्थानों की रक्षा करने के अपने कर्तव्य से दूर रहने को कह रहे हैं जहां अमेरिकी अच्छे इराकी लोगों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। ईरानी शासन का इराक की सरकार को यह बताना कि क्या करना चाहिए, यह बात इराकी देशभक्तों के जीवन को खतरे में डालती है।’इस बीच यूरोपीय संघ की विदेश नीति के प्रमुख जोसेप बोरेल ने ‘तनाव कम किए जाने की आवश्यकता’ पर बल दिया। उन्होंने ब्रसेल्स में ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ से मुलाकात के बाद ट्वीट किया, ‘ईरानी विदेश मंत्री से हालिया घटनाक्रम के बारे में बात की। तनाव कम करने, संयम बरतने और तनाव को और बढ़ाने से बचने की आवश्यकता पर बल दिया।’ इस बीच, वॉशिंगटन, न्यूयॉर्क समेत अमेरिका में कई स्थानों पर इराक में ईरानी कमांडर पर अमेरिकी हमले के खिलाफ शनिवार को प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और उन्होंने ‘ईरान पर कोई युद्ध नहीं’ के नारे लगाए। हालांकि कई जगह अमेरिकी ट्रंप की कार्रवाई पर खुशी जाहिर करते भी नजर आए।टेस्टक्रिकेटमेंमुशफिकुरकेनामदर्जहुआबड़ारिकॉर्डबांग्लादेशकेलिएऐसाकरनेवालेबनेपहलेबल्लेबाजअगर इस दौर में रिलीज होती 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' तो 500 करोड़ होता बॉक्स ऑफिस कलेक्शन******बॉलीवुड की आइकॉनिक मूवी 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' के हाल ही में 25 साल पूरे हुए हैं। इस फिल्म को दर्शकों ने खूब प्यार दिया। इसमें शाहरुख खान, काजोल, अमरीश पुरी और अनुपम खेर जैसे कलाकारों ने जबरदस्त भूमिका निभाई थी। ये आदित्य चोपड़ा की बतौर डायरेक्टर पहली फिल्म थी। इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की कुछ डिटेल्स सामने आई हैं, जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे।फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श ने इंस्टाग्राम पर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा कि अगर ये फिल्म इस दौर में रिलीज होती तो 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार करती।तरण आदर्श ने लिखा, "यशराज स्टूडियो ने दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन शेयर किया है। ये मूवी साल 1995 में 4 करोड़ रुपये में बनी थी। इसने भारत में 89 करोड़ और विदेशों में 13 करोड़ 50 लाख रुपये कमाए थे। अगर आज के हिसाब से इस धनराशि को देखा जाए तो 2020 में डीडीएलजे की कमाई भारत में 445 करोड़ और विदेशों में 69 करोड़ मानी जाएगी। यानि ओवरऑल 500 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन।"'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' में शाहरुख खान, काजोल, अनुपम खेर और अमरीश पुरी के अलावा फरीदा जलाल, परमीत सेठी जैसे सितारे भी नज़र आए थे।शाहरुख खान और काजोल व फिल्म से जुड़े अन्य सितारों ने DDLJ के 25 साल पूरे होने पर सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किए हैं।

टेस्ट क्रिकेट में मुशफिकुर के नाम दर्ज हुआ बड़ा रिकॉर्ड, बांग्लादेश के लिए ऐसा करने वाले बने पहले बल्लेबाज

टेस्टक्रिकेटमेंमुशफिकुरकेनामदर्जहुआबड़ारिकॉर्डबांग्लादेशकेलिएऐसाकरनेवालेबनेपहलेबल्लेबाजIND vs AUS : एडिलेड टेस्ट के पहले दिन रहा ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का दबदबा, कोहली ने खेली 74 रन की सर्वाधिक पारी******भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एडिलेड में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के पहले दिन भारत ने 6 विकेट के नुकसान पर 233 रन बना लिए हैं। भारत की ओर से कप्तान विराट कोहली ने 74 रन की सर्वाधिक पारी खेली, वहीं मेजबान ऑस्ट्रेलिया के लिए मिशेल स्टार्क ने सबसे अधिक दो विकेट लिए। दिन का खेल खत्म होने तक ऋद्धिमान साहा 9 और आर अश्विन 15 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।चार मैच की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला दूधिया रोशनी में खेला जा रहा है। इस मैच में भारतीय कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया था।मयंक अग्रवाल के साथ पारी का आगाज करने उतरे पृथ्वी शॉ स्टार्क की दूसरी गेंद पर ही बिना खाता खोले बोल्ड हो गए। इसके बाद मयंक अग्रवाल ने चेतेश्वर पुजारा के साथ थोड़े रन जोड़े, लेकिन वह 19वें ओवर की पहली गेंद पैट कमिंस का शानदार गेंद पर 17 के निजी स्कोर पर बोल्ड हुए।इसके बाद पुजारा ने कप्तान कोहली के साथ 68 रन की साझेदारी की इस दौरान दोनों बल्लेबाजों ने 189 गेंदों का सामना किया। पुजारा 50वें ओवर की चौथी गेंद पर नाथन लायन का शिकार बने। उन्होंने 160 गेंदों पर 43 रन की पारी खेली। कोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अपने 71वें शतक की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन 77वें ओवर की आखिरी गेंद पर रहाणे ने उन्हें रन आउट करा दिया। इसके बाद रहाणे 42 के निजी स्कोर पर स्टार्क का शिकार बने, वहीं हनुमा विहारी 16 रन बनाकर पवेलियन लौटे।ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिशेल स्टार्क ने दो और पैट कमिंस, जोश हेजलवुड और नाथन लायन ने एक-एक विकेट लिया।

टेस्टक्रिकेटमेंमुशफिकुरकेनामदर्जहुआबड़ारिकॉर्डबांग्लादेशकेलिएऐसाकरनेवालेबनेपहलेबल्लेबाजदेश का बाहरी कर्ज मार्च अंत तक 2.8 प्रतिशत बढ़कर 558.5 अरब डॉलर पर पहुंचा******India's total external debt increased by 2.8 per cent to USD 558.5 billion at March end । Representation image देश का कुल बाहरी कर्ज मार्च के अंत तक 2.8 प्रतिशत बढ़कर 558.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वित्त मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया कि वाणिज्यिक ऋण बढ़ने की वजह से कुल बाहरी कर्ज बढ़ा है। मार्च, 2019 के अंत तक कुल बाहरी कर्ज 543 अरब डॉलर था। रिपोर्ट में कहा गया कि मार्च 2020 के अंत तक बाहरी कर्ज पर विदेशी मुद्रा भंडार अनुपात 85.5 प्रतिशत था। एक साल पहले समान अवधि में यह 76 प्रतिशत था।'भारत का बाहरी कर्ज: एक स्थिति रिपोर्ट: 2019-20' में कहा गया कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुपात में बाहरी कर्ज मामूली बढ़कर 20.6 प्रतिशत पर पहुंच गया। एक साल पहले समान अवधि में यह 19.8 प्रतिशत था। मार्च, 2019 की तुलना में सॉवरेन ऋण तीन प्रतिशत घटकर 100.9 अरब डॉलर रह गया। रिपोर्ट में कहा गया कि यह कमी मुख्य रूप से सरकारी प्रतिभूतियों (जी-सेक) में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का निवेश घटने की वजह से है। सरकारी प्रतिभूतियों में एफपीआई का निवेश 23.3 प्रतिशत घटकर 21.6 अरब डॉलर रह गया, जो एक साल पहले 28.3 अरब डॉलर था।सॉवरेन ऋण का प्रमुख हिस्सा बहुपक्षीय तथा द्विपक्षीय स्रोतों से बाहरी सहायता के तहत ऋण का रहता है। यह 4.9 प्रतिशत बढ़कर 87.2 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वहीं दूसरी ओर गैर-सॉवरेन ऋण 4.2 प्रतिशत बढ़कर 457.7 अरब डॉलर पर पहुंच गया। मुख्य रूप से वाणिज्यिक ऋण बढ़ने से इसमें इजाफा इजाफा हुआ। गैर-सॉवरेन ऋण में सबसे बड़ा हिस्सा वाणिज्यिक ऋण का रहता है। यह 6.7 प्रतिशत बढ़कर 220.3 अरब डॉलर पर पहुंच गया। बकाया अनिवासी (एनआरआई) जमा 130.6 अरब डॉलर रहा। यह लगभग पिछले साल के स्तर के बराबर है। रिपोर्ट में कहा गया कि ज्यादातर उभरते बाजारों में अर्थव्यवस्था के विस्तार पर विदेशी कर्ज बढ़ता है, जिससे घरेलू बचत में कमी को पूरा किया जाता है। भारत इस मामले में अपवाद नहीं है।टेस्टक्रिकेटमेंमुशफिकुरकेनामदर्जहुआबड़ारिकॉर्डबांग्लादेशकेलिएऐसाकरनेवालेबनेपहलेबल्लेबाजVirat Kohli IND vs ENG: विराट कोहली के लिए बेहद खराब रहा इंग्लैंड का दौरा, शमी, हर्षल और बुमराह ने भी बनाए उनसे ज्यादा रन******Highlightsभारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली के लिए इंग्लैंड का यह दौरा बेहद खराब रहा है। इस दौरे को विराट किसी बुरे सपने की तरह भुलाना चाहेंगे। क्योंकि औसत और रनों के मामले में मोहम्मद शमी और हर्षल पटेल जैसे गेंदबाज भी विराट से इस सीरीज में आगे निकल गए। वहीं कोहली इस दौरे पर 6 पारियों में 100 रन की सेंचुरी तो दूर कुल 100 रन भी नहीं बना सके। उन्होंने टेस्ट मैच समेत कुल 6 पारियों में सिर्फ 76 रन ही बनाए। यह दौरा निश्चित ही विराट के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा।अगर इस दौरे पर विराट के प्रदर्शन की बात करें तो वह टेस्ट मैच में सिर्फ दो पारियों में 31 रन (11 और 20) ही बना सके। इसके बाद टी20 सीरीज का पहला मैच वह नहीं खेले लेकिन जब आखिरी दो मैचों में वह लौटे तो उन्होंने सिर्फ 12 रन ही बनाए (1 और 11)। इसके बाद वनडे सीरीज के पहले मैच में विराट चोट के चलते बाहर हुए। लेकिन दूसरे मैच में वापसी हुई और उम्मीद थी यहां वह कुछ अच्छा करेंगे लेकिन वह सिर्फ 16 और आखिरी मुकाबले में 17 (कुल 33) रन ही बना सके।विराट का औसत पूरे दौरे पर काफी खराब रहा। अगर तुलना करें तो वनडे सीरीज में उनसे अच्छा औसत मोहम्मद शमी का रहा था। शमी ने दूसरे वनडे में 23 रनों की पारी खेली थी और एक ही मैच में उनकी बैटिंग आई। लिहाजा उनका औसत 23 का था। वहीं विराट ने 2 पारियों में 33 रन बनाए और उनका औसत सिर्फ 16.5 का था। टी20 सीरीज में भारत के एक और गेंदबाज हर्षल पटेल ने 3 मैचों में कुल 21 रन बनाए। जबकि स्टार खिलाड़ी विराट कोहली दो पारियों में सिर्फ 12 रन ही बना सके। इस तरह विराट टीम के गेंदबाजों से भी कमतर रहे इस सीरीज में रनों के लिहाज से। वहीं टेस्ट मैच में उन्होंने सिर्फ 31 रन (11 और 20) बनाए जबकि बुमराह ने उनसे ज्यादा 38 रन (31 और 7) बनाए।भारत के लिए इंग्लैंड के इस दौरे पर ऋषभ पंत टॉप स्कोरर रहे। पंत ने 6 पारियों में कुल 355 रन बनाए। जिसमें उनके दो शतक और एक अर्धशतक शामिल था। इसके अलावा जसप्रीत बुमराह 15 विकेटों के साथ लीडिंग विकेट टेकर रहे। वहीं वनडे सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए हार्दिक पंड्या ने इस दौरे पर टी20 व वनडे सीरीज में गेंद व बल्ले दोनों से कमाल किया। उन्होंने 173 रन चार पारियों में बनाए तो 5 पारियों में 11 विकेट भी झटके। रोहित शर्मा ने भी पहले वनडे में 76 रनों की नाबाद पारी खेली। लेकिन शिखर धवन ने भी विराट की तरह काफी निराश किया।

टेस्टक्रिकेटमेंमुशफिकुरकेनामदर्जहुआबड़ारिकॉर्डबांग्लादेशकेलिएऐसाकरनेवालेबनेपहलेबल्लेबाजकोरोना: पिछले Lockdown में दिक्कतों का सामना कर चुके प्रवासी मजदूर फिर लौट रहे अपने घर******Highlights पिछली बार मैं अपने परिवार के साथ फंस गया था। दो दिन-चार दिन करते करते बढ़ता गया और मुझे बहुत दिक्कत हुई। खाने तक की समस्या उतपन्न हो गई थी, इसलिए इस बार जब मैने कर्फ्यू का सुना तो मैं पहले ही निकल गया। ये कहना है हेमंत मौर्य का, जो अंबेडकर नगर के मूल निवासी हैं और दिल्ली में मजदूरी करके अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं। दिल्ली में लॉकडाउन न लग जाये इसके डर से हिमंत पहले ही अपने घर की ओर रवाना हो गए।दरअसल दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 20 हजार से ज्यादा केस मिले हैं। ऐसे में लॉकडाउन की आशंका से प्रवासी और खासतौर पर मजदूर बेहद डरे हुए हैं। हालांकि सरकार ने के रोकथाम के लिए कर्फ्यू लागू किया हुआ है लेकिन मौजूदा स्थिती को देखते हुए प्रवासी मजदूर घर जाने की तैयारियों में लगे हुए हैं और कुछ धीरे धीरे निकल भी रहे हैं। हालांकि अभी ऐसा प्रतीत हो रहा है इस बार वही लोग जा रहे हैं, जो पिछले लॉकडाउन में सबसे ज्यादा परेशान रहे थे। कोई अपने परिवार के साथ फंसा रहा तो किसी के पास खाने तक के पैसे नहीं थे, इसी के चलते कई लोग पहले ही घर जाना पसंद कर रहे हैं।दिल्ली के प्रेम नगर में एक सोसाइटी में ठेकेदारी करते तौफीक अहमद अम्बेडकर नगर निवासी हैं। उनके गांव या स्थानीय गांव के कई मजदूर उनके साथ यहां काम करते हैं। दिल्ली में कर्फ्यू लगने के पहले ही करीब 8 लोग इसलिए अपने गांव वापस चले गए क्योंकि उनको लॉकडाउन लगने का डर था। उन्होंने बताया, करीब 7 -8 लोग दिल्ली से जा चुके हैं। अन्य मजदूर भी वापस जाने की इच्छा जाहिर कर रहे हैं। हालांकि हमने सभी मजदूरों को आश्वासन दिया है कि खाने की दिक्कत नहीं होगी लेकिन उसके बावजूद भी लोग डरे हुए हैं।तौफीक कहते हैं, जिन मजदूरों ने पिछले लॉकडाउन के दौरान समस्याएं झेली वह सबसे ज्यादा डरे हुए हैं और वही मजदूर भाग भी रहे हैं। साथ ही बसों का किराया भी बढ़ा दिया गया है। दिल्ली के प्रेम नगर से पहले हजार रुपये में प्राइवेट बसें चलती थी, लेकिन अब वही 1200 रुपये मांग रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, बिहार, गोंडा, मुरादाबाद आदि जगहों के मजदूर भाग चुके हैं। दो दिन पहले 4 लोग गए और उससे पहले 3 मजदूर गए थे। हम तो चाहते हैं यह सभी जल्दी वापस आएं, वरना काम पर असर पड़ेगा। लेकिन हालात को देखते हुए यह सभी फैसला लेंगे क्योंकि अभी जितने मजदूर गए हैं उन्होंने यह नहीं बताया कि वह कब आएंगे।दरअसल दिल्ली में सोमवार को सरकार मौजूदा कोरोना स्थिति पर एक बैठक करेगी, इस बैठक में आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा और लॉकडाउन लगेगा या नहीं इस पर कुछ कहा नहीं जा सकता क्योंकि सरकार अपनी तरफ से इंकार कर रही है। पिछले लॉकडाउन में अम्बेडकरनगर निवासी हेमंत मौर्या ने बड़ी परेशानी देखी, जिसके कारण अब वह वही स्थिती फिर नहीं देखना चाहते और दिल्ली में लगे कर्फ्यू के डर से अपने घर वापस चले गए हैं।हेमंत ने बताया, दो दिन पहले रात में हम दिल्ली से निकल गए थे। पिछली बार मैं अपने परिवार के साथ फंस गया था। दो दिन- चार दिन करते करते लॉकडाउन बढ़ता गया और मुझे बहुत दिक्कत हुई, खाने तक की समस्या उतपन्न हो गई थी, इसलिए इस बार जब मैने सुना तो मैं पहले ही निकल गया। यदि क़र्फ्यू नहीं बढ़ा तो आएंगे, वरना अभी नहीं आएंगे। सिर्फ डर के कारण ही मैं बीते 6 जनवरी को ही निकल गया। काम की दिक्कत आएगी लेकिन जान रहेगी तो आगे ढूंढ लेंगे, इस बार मेरे साथ 4 अन्य साथी भी थे।हेमंत अकेले नहीं है जो कि दिल्ली छोड़ अपने घर वापस चले गए हों। गोंडा जिले के निवासी 33 वर्षीय राजू भी पिछले लॉकडाउन के दौरान परेशान रहे और इस बार किसी तरह की दिक्कत न आये तो वह पहले ही अपने घर रवाना हो गए। उन्होंने बताया, पिछले लॉकडाउन के दौरान हम अपने बच्चों को लेकर साथ रहते थे। पूरे दिन भूखा रहना पड़ा था और जेब में पैसे तक नहीं थे। कुछ पैसे थे लेकिन किसी अन्य दोस्त से कर्जा लेकर दिल्ली से निकला था इसलिए इस बार मैं पहले ही अपने घर निकल आया हूं यदि आगे कर्फ्यू नहीं बढ़ेगा तो वापस आ जाएंगे। मेरे साथ एक अन्य गांव का विनोद नामक लड़का भी घर वापस आया है। अब वापस आने पर विचार करेंगे क्योंकि हालात अभी ठीक नहीं है। कुछ ठीक लगेगा तो वापस आएंगे।दिल्ली में अधिक्तर अन्य राज्यों के लोग ही काम करते हैं। ऐसे में यदि कोरोना के मामलों में जल्द ही सुधार नहीं हुआ तो फिर पिछली बार की तस्वीरें सामने आ सकती हैं। हालांकि आनंद विहार बस स्टैंड के बाहर कई प्राइवेट बस संचालक हैं जो बिहार जाने की बसों को संभालते हैं। उनके मुताबिक अभी ऐसे हालात नहीं आये हैं और बस का किराया भी वो सामान्य ही ले रहे हैं।(इनपुट- एजेंसी)टेस्टक्रिकेटमेंमुशफिकुरकेनामदर्जहुआबड़ारिकॉर्डबांग्लादेशकेलिएऐसाकरनेवालेबनेपहलेबल्लेबाजविवाद से विश्वास योजना के तहत विवरण प्रस्तुत करने की समयसीमा 31 मार्च तक बढ़ी******विवाद से विश्वास योजना के तहत विवरण प्रस्तुत करने की समयसीमा 31 मार्च तक बढ़ीआयकर विभाग ने शुक्रवार को प्रत्यक्ष कर विवाद समाधान योजना ‘विवाद से विश्वास’ के अंतर्गत विवरण देने की समयसीमा बढ़ाकर 31 मार्च और भुगतान के लिए समय 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। आयकरविभाग ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘सीबीडीटी ने विवाद से विश्वास कानून के तहत घोषणा करने की समयसीमा बढ़ाकर 31 मार्च, 2020 कर दी है। बिना अतिरिक्त राशि के भुगतान की समयसीमा बढ़ाकर 30 अप्रैल, 2021 करदी गयी है।’’ इस योजना के तहत घोषणा करने की समयसीमा 28 फरवरी थी जबकि विवादित कर राशि भुगतान की समयसीमा 31 मार्च थी।इकायों ने अबतक 1,25,144 मामलों के निस्तारण के लिए विवाद से विश्वास योजना के विकल्प को चुना गया है। यह विभिन्न कानूनी मंचों में लंबित 5,10,491 मामलों का 24.5 प्रतिशत है। करीब 97,000 करोड़ रुपयेमूल्य के विवादित कर के मामलों में इस योजना को चुना गया है। विवाद से विश्वास योजना आकलन के संदर्भ में विवादित कर, विवादित ब्याज, विवादित जुर्माना या विवादित शुल्क के निपटान का विकल्प उपलब्ध कराताहै। इसके तहत विवादित कर का 100 प्रतिशत और विवादित जुर्माना या ब्याज अथवा शुल्क का 25 प्रतिशत देकर लंबित मामलों का निपटान किया जा सकता है। प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास कानून 17 मार्च, 2020 कोअमल में आया। इसका मकसद विभिन्न अदालतों में लंबित मामलों के निपटान के लिये संबंधित करदाताओं को विकल्प उपलब्ध कराना है।

टेस्टक्रिकेटमेंमुशफिकुरकेनामदर्जहुआबड़ारिकॉर्डबांग्लादेशकेलिएऐसाकरनेवालेबनेपहलेबल्लेबाजहरियाणा के इन 7 जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवा पर रोक बढ़ायी गयी, मिलेगी केवल ये छूट******हरियाणा सरकार ने मोबाइल इंटरनेट सेवा पर रोक को राज्य के सात जिलों में दो फरवरी को शाम पांच बजे तक बढ़ाने की घोषणा की है। इस सप्ताह केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा के मद्देनजर शांति और लोक व्यवस्था में किसी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। आधिकारिक बयान के मुताबिक हरियाणा सरकार ने दो फरवरी को शाम पांच बजे तक सात जिलों-कैथल, पानीपत, जींद, रोहतक, चरखी दादरी, सोनीपत और झज्जर में कॉल सुविधा छोड़कर मोबाइल इंटरनेट सेवा (2जी, 3 जी,4जी, सीडीएमए, जीपीआरएस), एसएमएस सेवा (एक साथ कई संदेश) और सभी डोंगल सेवाओं पर रोक लगा दी है।बयान में कहा गया कि हरियाणा के इन जिलों में शांति और लोक व्यवस्था में गड़बड़ी रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है और यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। अंबाला, भिवानी, सिरसा, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, करनाल और हिसार में मोबाइल इंटरनेट सेवा पर रोक को आगे नहीं बढ़ाया गया है। इन जिलों में एक फरवरी शाम पांच बजे तक रोक लगायी गयी थी। सरकार ने रविवार को यमुनानगर, पलवल और रेवाड़ी जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवा पर रोक को आगे बढ़ाने का आदेश दिया था। इन जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवा 31 जनवरी शाम पांच बजे तक स्थगित कर दी गयी थी। हरियाणा के कुछ जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक के संबंध में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को कहा था कि 26 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी में हिंसा की घटनाओं के बाद उत्पन्न हालात के चलते यह कदम उठाया गया।बताया जा रहा है कि सरकार ने किसान आंदोलन के मद्देनजर स्थिति शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने एसएमएस, व्हाट्सएप, फेसबुक ट्विटर आदि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से दुष्प्रचार और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए को बंद करने का निर्णय लिया है।हरियाणा के सीएम किसान आंदोलन को लेकर हुई हिंसा पर काफी सख्ती बनाए हुए हैं। दिल्ली में गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए हरियाणा सरकार इंटरनेट सेवाओं को लेकर काफी सतर्क है ताकि किसी तरह की गलत सूचना का आदान-प्रदान और फर्जी वीडियो वायरल न हो सकें।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आंदोलन स्थलों के आसपास इंटरनेट सेवा पर रोक लगा कर किसानों की आवाज दबाने पर आमादा है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि सरकार ने किसान आंदोलन को कुचलने के लिए इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई है। उन्होंने इंटरनेट सेवा बहाल करने की मांग करते हुए कहा कि आम लोगों के साथ-साथ छात्रों को भी काफी परेशानी हो रही है जिनकी परीक्षाएं होने वाली हैं।लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा सरकार लोकतंत्र की अनदेखी कर किसान आंदोलन को दबाने और नाकाम करने पर आमादा है। सरकार उन स्थानों के आसपास इंटरनेट कनेक्शनों पर रोक लगा रही है जहां आंदोलन चल रहे हैं।" उन्होंने ट्वीट किया, " मैं हमारे अन्नदाताओं पर इस सरकार द्वारा इस तरह के अत्याचार का विरोध करता हूं। शर्म करो भाजपा। शेम, शेम।" चौधरी ने दावा किया, " भाजपा आंसुओं से डर गई है। किसानों की आंखों से निकले आंसुओं की ताकत ने भाजपा को हिला दिया है जो हर मौके का इस्तेमाल घड़याली आंसू बहाने के लिए करती है।"कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन कानूनों पर 18 महीने के लिए रोक लगा दी गई है। उन्होंने ट्वीट कर पूछा कि संसदीय समिति को यह समय इन कानूनों का परीक्षण करने और संसद को रिपोर्ट करने के लिए क्यों नहीं दिया गया। पार्टी के अन्य नेता विवेक तन्खा ने भी रमेश की बात का समर्थन किया। उन्होंने ट्विटर पर कहा, " मोदी जी की मंशा पीछने हटने की नहीं है। हालांकि सरकार चिंतित है लेकिन उनका मकसद वार्ताओं आदि को विभाजित करना और किसानों को थकाना है। इस बार उन्होंने गलत नंबर मिला दिया है।टेस्टक्रिकेटमेंमुशफिकुरकेनामदर्जहुआबड़ारिकॉर्डबांग्लादेशकेलिएऐसाकरनेवालेबनेपहलेबल्लेबाजहिमालय के हिमस्खलन में लापता हुए 7 लोगों में 4 कोरियाई नागरिक****** नेपाल के अन्नपूर्णा क्षेत्र में हुए हिस्खलन में कम से कम 7 लोगों के लापता होने की खबर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लापता हुए इन 7 लोगों में से 4 दक्षिण कोरिया के नागरिक हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार को हुई बर्फबारी के कारण हिमालय श्रेणी की सबसे ऊंची चोटियों में से एक अन्नपूर्णा के आधार शिविर के पास यह हादसा हुआ। आधार शिविर करीब 3,230 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। के पर्यटन विभाग की मीरा धकल ने बताया, ‘हमें सूचना मिली है के 4 दक्षिण कोरियाई और 3 नेपाली नागरिकों से संपर्क टूट गया है। कल रात एक बचाव दल को रवाना किया गया है।’ स्थानीय पुलिस प्रमुख दान बहादुर कार्की ने बताया कि खराब मौसम के कारण बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है। कार्की ने कहा, ‘टीम पहुंचने वाली है। हमने एक हेलीकॉप्टर भी तैयार रखा है, जैसे ही मौसम सही होगा, हम उड़ान भरेंगे।’अन्नपूर्णा में हिमस्खलन होना आम बात है और तकनीकी तौर पर इस चोटी पर चढ़ाई करना सबसे मुश्किल है। यहां तक कि दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट के मुकाबले इसपर चढ़ाई करने वालों के मरने की संख्या बहुत ज्यादा है। दक्षिण कोरिया के शिक्षा विभाग ने बताया कि हादसे में लापता हुए चारों नागरिक वॉलेंटियर शिक्षक थे और नेपाल में बच्चों को पढ़ा रहे थे। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि लापता हुए लोगों के परिजन को सूचित कर दिया गया है। जल्दी ही एक आपात टीम को नेपाल भेजा जाएगा।

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